कुशीनगर में बिना मान्यता स्कूलों पर बड़ी कार्रवाई, डीएम ने दिए जांच के निर्देश
कुशीनगर में बिना मान्यता स्कूलों के खिलाफ प्रशासन सख्त हुआ। डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने सभी तहसीलों में जांच टीमें गठित कर स्कूल संचालन पर रोक लगाने और भारी जुर्माना लगाने के निर्देश दिए हैं।
कुशीनगर: जिले में अब बिना मान्यता चल रहे स्कूलों की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा है कि किसी भी अमान्य (Unrecognized) स्कूल को संचालित नहीं होने दिया जाएगा। ऐसे स्कूलों के खिलाफ भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जांच समितियों का गठन, जल्द शुरू होगी सघन जांच
जिले के सभी विकास खंडों में गैर-मान्यता प्राप्त स्कूलों की जांच के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं। प्रत्येक तहसील में बनी जांच समिति की अध्यक्षता उपजिलाधिकारी करेंगे, जिसमें क्षेत्राधिकारी (पुलिस) और खंड शिक्षा अधिकारी भी सदस्य होंगे।
उल्लंघन पर 1 लाख तक जुर्माना और 10 हजार प्रतिदिन की पेनाल्टी
डीएम ने बताया कि यदि कोई भी संस्था बिना मान्यता के स्कूल चलाती है या मान्यता रद्द होने के बावजूद संचालन जारी रखती है, तो उस पर ₹1 लाख तक का जुर्माना लगाया जाएगा। यदि स्कूल संचालन जारी रहा, तो प्रत्येक दिन ₹10,000 की पेनाल्टी भी लगाई जाएगी।
यह कार्रवाई उप्र निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार नियमावली-2011 के तहत की जाएगी।
छात्रों का होगा नजदीकी सरकारी स्कूल में दाखिला
बिना मान्यता पाए स्कूलों के बंद होने की स्थिति में वहां पढ़ने वाले छात्रों को नजदीकी परिषदीय विद्यालयों में प्रवेश दिलाया जाएगा ताकि उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि स्कूल बंद होते ही बच्चों का नामांकन सुनिश्चित कराया जाए और संबंधित स्कूल प्रबंधक के खिलाफ रिपोर्ट भेजी जाए।
मुख्य उद्देश्य: बच्चों का भविष्य सुरक्षित करना
यह पूरा अभियान शिक्षा के अधिकार (Right to Education) को प्रभावी रूप से लागू करने, बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने, और शिक्षा क्षेत्र में अनियमितताओं को खत्म करने के लिए चलाया जा रहा है।
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