आंखों और माथे में दर्द क्यों होता है? डॉक्टर बता रहे हैं किन बीमारियों का हो सकता है संकेत
आंखों और माथे में बार-बार होने वाला दर्द साइनस, माइग्रेन या आई स्ट्रेन का संकेत हो सकता है। डॉक्टर से जानें कारण और बचाव के उपाय।
बदलती लाइफस्टाइल, बढ़ता स्क्रीन टाइम और लगातार मानसिक तनाव आजकल आंखों और माथे के दर्द को आम समस्या बनाते जा रहे हैं। यह दर्द कभी हल्का होता है तो कभी इतना तेज हो जाता है कि रोजमर्रा के कामों पर असर पड़ने लगता है। कई लोगों को सुबह उठते ही भारीपन और दबाव जैसा दर्द महसूस होता है, जबकि कुछ को लंबे समय तक मोबाइल या लैपटॉप देखने के बाद यह परेशानी होती है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह दर्द बार-बार या लगातार बना रहे, तो इसे सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज करना ठीक नहीं है।
किस बीमारी की ओर इशारा करता है यह दर्द
डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल के मेडिसिन विभाग के निदेशक डॉ. सुभाष गिरि के अनुसार आंखों और माथे में दर्द का सबसे आम कारण साइनस की समस्या हो सकती है। साइनस में सूजन या संक्रमण होने पर माथे, नाक की जड़ और आंखों के आसपास दबाव और भारीपन जैसा दर्द महसूस होता है।
इसके अलावा माइग्रेन भी एक बड़ी वजह है, जिसमें सिर के एक हिस्से के साथ आंखों में तेज दर्द, मतली, उल्टी और तेज रोशनी से परेशानी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
आई स्ट्रेन और लाइफस्टाइल भी जिम्मेदार
डॉ. गिरि बताते हैं कि आंखों की कमजोरी, चश्मे का गलत नंबर और लंबे समय तक स्क्रीन देखने से होने वाला आई स्ट्रेन भी इस दर्द को बढ़ा देता है। हाई ब्लड प्रेशर, शरीर में पानी की कमी, नींद पूरी न होना और अत्यधिक तनाव भी आंखों और माथे में लगातार दर्द के कारण बन सकते हैं। नींद की कमी होने पर आंखों में जलन, भारीपन और सिरदर्द के साथ समस्या और गंभीर हो जाती है।
कब ज्यादा बढ़ जाता है दर्द
यह दर्द खासतौर पर तब बढ़ जाता है जब व्यक्ति घंटों मोबाइल, लैपटॉप या टीवी का इस्तेमाल करता है। साइनस से पीड़ित लोगों को सुबह के समय यह समस्या ज्यादा परेशान कर सकती है। तेज धूप में निकलना, पर्याप्त नींद न लेना और लगातार तनाव में रहना भी दर्द को बढ़ाने वाले प्रमुख कारण हैं। बच्चों, बुजुर्गों और माइग्रेन या आंखों की पुरानी बीमारी से जूझ रहे लोगों में यह समस्या ज्यादा गंभीर रूप ले सकती है।
अगर आंखों और माथे के दर्द के साथ धुंधला दिखना, उल्टी, तेज बुखार या आंखों में सूजन जैसी शिकायतें भी हों, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।
बचाव के उपाय और जरूरी सावधानियां
विशेषज्ञों के मुताबिक इस समस्या से बचाव के लिए शरीर में पानी की कमी नहीं होने देनी चाहिए और रोज पर्याप्त पानी पीना चाहिए। स्क्रीन का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल न करें और हर कुछ देर में आंखों को आराम दें। सही नंबर का चश्मा लगाना और समय-समय पर आंखों की जांच कराना भी जरूरी है।
धूल, प्रदूषण और ठंडी हवा से आंखों की सुरक्षा करें। साइनस की समस्या होने पर विशेष सावधानी बरतें। पर्याप्त नींद लेना और तनाव कम करने के लिए योग, प्राणायाम या मेडिटेशन अपनाना आंखों और माथे के दर्द से राहत दिलाने में मददगार हो सकता है।
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