गंगापुर घाट हादसा: नाव डूबने से किशोर की मौत, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
मिर्जापुर के गंगापुर घाट पर नाव पलटने से 17 वर्षीय किशोर की मौत। 20 घंटे बाद मिला शव। घाट पर सुरक्षा उपायों की कमी पर उठे गंभीर सवाल।
मिर्जापुर: गंगापुर घाट पर एक दर्दनाक हादसे में 17 वर्षीय किशोर अजय कुमार की डूबकर मौत हो गई। यह हादसा उस समय हुआ जब वह अपने पांच साथियों के साथ नाव से गंगा नदी पार कर रहा था। नाव में अचानक पानी भरने से वह असंतुलित हो गई और पलट गई। अजय तैरना नहीं जानता था और घबराकर नदी में कूद गया, जिससे वह गहरे पानी में समा गया। साथियों ने उसे बचाने की भरपूर कोशिश की, लेकिन अंधेरा और तेज बहाव उनकी राह का रोड़ा बन गया।
स्थानीय लोगों और गोताखोरों की रातभर तलाश के बावजूद अजय का कुछ पता नहीं चला। अगले दिन एनडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और करीब 20 घंटे बाद शुक्रवार शाम 5:30 बजे अजय का शव बरामद किया गया। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।
प्रशासन की सुस्ती बनी चिंता का विषय
घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। हालांकि, रातभर कोई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी गई। लोगों ने घाट पर सुरक्षा इंतजामों की कमी पर सवाल उठाए हैं।
गंगापुर घाट पर सुरक्षा के इंतजाम नाकाफी
गंगापुर घाट मिर्जापुर और वाराणसी के बीच एक व्यस्त जलमार्ग है, लेकिन नावों में लाइफ जैकेट और अन्य सुरक्षा उपकरणों की भारी कमी है। चुनार थाना प्रभारी रविंद्र भूषण मौर्य ने घटना के बाद नाव चालकों को चेताया है कि बिना सुरक्षा उपायों के नाव संचालन न किया जाए।
नेताओं ने पहुंचाया ढांढस, दी सहायता का आश्वासन
घटना की सूचना मिलते ही जिला पंचायत सदस्य माता पटेल और अपना दल (एस) के नेता सूर्य प्रकाश सिंह पीड़ित परिवार से मिले और हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया।
सबक: नदियों में यात्रा सुरक्षा के साथ ही करें
यह हादसा एक बार फिर यह सोचने को मजबूर करता है कि जलमार्गों पर सुरक्षा के नियमों को सख्ती से लागू करना कितना जरूरी है। प्रशासन को अब ऐसे संवेदनशील घाटों पर लाइफ जैकेट और प्रशिक्षित नाविकों की अनिवार्यता सुनिश्चित करनी चाहिए।
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