शिव भक्ति में डूबा भरथना, रूद्र यज्ञ और कलश यात्रा बनी आकर्षण का केंद्र
शिव भक्ति में डूबा भरथना, रूद्र यज्ञ और कलश यात्रा बनी आकर्षण का केंद्र
भरथना: नर्मदेश्वर शिव मंदिर में शुरू हुआ 35वां सावन महोत्सव, शिव महापुराण कथा व रूद्र यज्ञ से भक्तिमय हुआ वातावरण
भरथना (इटावा): नगर के जवाहर रोड स्थित मिडिल स्कूल परिसर में स्थित नर्मदेश्वर शिव एवं नवदुर्गा मंदिर में भव्य 35वां सावन महोत्सव श्रद्धा, आस्था और भक्ति के बीच कलश यात्रा के साथ शुरू हो गया है। यह आयोजन श्री शंकर सेवा समिति के तत्वावधान में किया जा रहा है, जिसमें शिव महापुराण कथा, रूद्र यज्ञ, शिव-सती विवाह, कलश यात्रा, द्वादश ज्योतिर्लिंग अभिषेक जैसे कई दिव्य आयोजन सम्मिलित हैं।
मंदिर पुजारी व आयोजन प्रभारी पं. गोपाल दीक्षित ने बताया कि हर वर्ष की भांति इस बार भी सावन महोत्सव पूरे धूमधाम और वैदिक विधि-विधान के अनुसार संपन्न किया जाएगा। उन्होंने बताया कि आयोजन 11 जुलाई से आरंभ होकर 11 अगस्त तक लगातार 32 दिनों तक चलेगा।
📆 विशेष तिथियां व कार्यक्रमों का विवरण:
11 जुलाई (शुक्रवार): गणेश पूजन एवं भव्य कलश यात्रा निकाली गई जिसमें सैकड़ों महिलाएं पारंपरिक परिधानों में भाग लिया कलश यात्रा नगर के विभिन्न मार्गों से गुजरकर मंदिर परिसर में सम्पन्न हुई
12 जुलाई: श्री शिव महापुराण कथा का शुभारंभ होगा, जिसे प्रसिद्ध कथा वाचक द्वारा प्रतिदिन संध्या 4 बजे से 7 बजे तक किया जाएगा।
21 जुलाई: शिव-सती विवाह की झांकी निकाली जाएगी, जिसमें ग्रामीण परिवेश और देवी-देवताओं की झलक आकर्षण का केंद्र रहेगी।
28 जुलाई: शिव-पार्वती विवाह का भव्य आयोजन होगा जिसमें वर-वधू की बारात निकाली जाएगी और विवाह की रस्में मंत्रोच्चारण के साथ पूरी की जाएंगी।
4 अगस्त: द्वादश ज्योतिर्लिंगों का अभिषेक किया जाएगा। साथ ही रामचरितमानस का अखंड पाठ भी उसी दिन आरंभ होगा।
8 अगस्त: व्यास पूजन के साथ कथा विश्राम होगा। @ 10 अगस्त: पूर्णाहुति एवं महाप्रसाद वितरण किया जाएगा।
11 अगस्त (रविवार): भव्य विसर्जन यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें नगरवासी बड़ी संख्या में सम्मिलित होंगे। इस यात्रा का नगर के प्रमुख मार्गों से होकर समापन किया जाएगा।
🌸 विशेष आकर्षण:
प्रतिदिन प्रातःकाल रूद्राभिषेक व दुग्धाभिषेक
मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन व आरती @ प्रसाद व भंडारे की समुचित व्यवस्था
सजावट में रंग-बिरंगी लाइटिंग व फूलों की झांकी
आयोजन समिति द्वारा नगरवासियों व श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि इस पावन सावन माह में अधिक से अधिक संख्या में मंदिर आकर भक्ति लाभ प्राप्त करें। मंदिर प्रांगण में सुरक्षा व स्वच्छता की विशेष व्यवस्था की गई है।
इस आयोजन के माध्यम से न केवल धार्मिक आस्था को बल मिलेगा, बल्कि सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक परंपरा और युवाओं में सनातन संस्कृति के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी।
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