यूपी: सैफई डिपो में भ्रष्टाचार की ऑडियो वायरल, दो अधिकारी निलंबित
यूपी परिवहन निगम के सैफई डिपो में दो वरिष्ठ अधिकारी रेखा और विवेक यादव को अवैध वसूली की ऑडियो क्लिप वायरल होने के बाद निलंबित कर दिया गया है। जांच जारी, और नाम सामने आने की संभावना।
इटावा/सैफई: उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के सैफई डिपो में भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया है। डिपो में तैनात दो वरिष्ठ अधिकारियों — केन्द्र प्रभारी रेखा और परिचालक विवेक कुमार यादव को अवैध वसूली और पद का दुरुपयोग करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई तब की गई जब दोनों की बातचीत की एक ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई, जिससे विभाग की छवि को गंभीर नुकसान पहुंचा।
क्या है मामला?
सूत्रों के मुताबिक, दोनों अधिकारियों पर निजी स्वार्थ के लिए डिपो के कर्मचारियों से अवैध रूप से धन वसूलने के गंभीर आरोप लगे हैं। मामला तब तूल पकड़ गया जब कथित बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग वायरल हो गई। इसके बाद परिवहन विभाग ने संज्ञान लेते हुए दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
निलंबन आदेशों में क्या कहा गया?
-
रेखा (केन्द्र प्रभारी):
निगम की छवि धूमिल करने, कर्मचारियों से अवैध वसूली, कर्तव्यों के प्रति लापरवाही, और पर्यवेक्षण में विफलता के आरोपों में तत्काल निलंबन।
निलंबन अवधि में केवल अर्द्धवेतन के आधार पर जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।
उन्हें यह प्रमाण भी देना होगा कि वे किसी अन्य सेवा या व्यवसाय से जुड़े नहीं हैं। -
विवेक कुमार यादव (परिचालक):
रेखा से संबंधित उसी मामले में लिप्त होने के आरोप में निलंबन।
निलंबन अवधि में समान वित्तीय नियम लागू होंगे।
उनसे भी शपथ-पत्र मांगा गया है।
'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत सख्त कदम
यह कार्रवाई यूपी परिवहन निगम की भ्रष्टाचार के प्रति 'शून्य सहनशीलता' नीति का उदाहरण है। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक द्वारा हस्ताक्षरित निलंबन आदेश में साफ कहा गया है कि मामले की गहन जांच जारी है और आगे दोष सिद्ध होने पर कड़ी कार्रवाई तय है।
और नाम आ सकते हैं सामने
विभागीय सूत्रों का दावा है कि वायरल ऑडियो में कुछ और कर्मचारियों की संलिप्तता के संकेत हैं। जांच के बाद और भी नाम उजागर हो सकते हैं। यह मामला न केवल सैफई डिपो बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0