यूपी में प्राथमिक स्कूलों के विलय पर सियासी तूफान, मायावती ने कहा – गरीबों के साथ अन्याय
उत्तर प्रदेश में प्राथमिक स्कूलों के मर्जर को लेकर राजनीति गरमा गई है। मायावती ने इस फैसले को गरीब विरोधी बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की है। कांग्रेस और सपा भी सरकार पर हमलावर।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कम छात्र संख्या वाले प्राथमिक स्कूलों के विलय (मर्जर) के फैसले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। जहां सरकार इसे नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत गुणवत्ता सुधार का कदम बता रही है, वहीं विपक्ष इसे गरीब विरोधी और शिक्षा विरोधी साजिश करार दे रहा है।
मायावती का तीखा हमला – ‘यह फैसला तुरंत वापस लिया जाए’
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने मंगलवार को एक्स (पूर्व ट्विटर) पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि,
“बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा प्राथमिक विद्यालयों के युग्मन/एकीकरण की आड़ में बहुत सारे स्कूलों को बंद करने का जो फैसला लिया गया है, वह गरीबों के करोड़ों बच्चों से सस्ती और सुगम शिक्षा का हक छीनने जैसा है।”
उन्होंने इसे अनुचित, गैर-जरूरी और गरीब विरोधी फैसला बताते हुए सरकार से तुरंत इस निर्णय को वापस लेने की मांग की है।
बसपा सरकार में फैसले को रद्द करने का ऐलान
मायावती ने आगे कहा कि यदि यह निर्णय वापस नहीं लिया गया, तो बसपा की सरकार बनने पर इसे रद्द कर दिया जाएगा, और पुरानी व्यवस्था बहाल की जाएगी, जिससे बच्चों को उनके घर के पास ही शिक्षा मिल सके।
सरकार की योजना क्या है?
उत्तर प्रदेश सरकार ने NEP 2020 के तहत प्रदेश के लगभग 27,000 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों को मर्ज करने का प्रस्ताव रखा है।
सरकार का दावा है कि इससे –
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शिक्षकों की बेहतर तैनाती
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संसाधनों का समुचित उपयोग
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और शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार होगा।
विपक्ष भी हुआ हमलावर
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कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा:
“यह कदम RTE (शिक्षा का अधिकार) कानून का खुला उल्लंघन है। इससे लाखों गरीब बच्चे शिक्षा से वंचित हो जाएंगे।”
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सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सरकार पर राजनीतिक बदले की भावना से काम करने का आरोप लगाते हुए कहा:
“सरकार उन क्षेत्रों में स्कूल बंद कर रही है, जहां भाजपा चुनाव हारी थी।”
सरकार की चुप्पी पर सवाल
अब तक योगी सरकार की ओर से इस मुद्दे पर कोई नई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन विपक्षी दलों की बढ़ती सक्रियता और ग्रामीण क्षेत्रों में हो रहे विरोध प्रदर्शन इस मुद्दे को और गंभीर बना रहे हैं।
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