महाकुंभ भगदड़: मौतों पर सरकार-विपक्ष आमने-सामने, अखिलेश बोले ‘महासत्य की शुरुआत’
महाकुंभ 2025 में मौनी अमावस्या पर हुई भगदड़ पर मौतों को लेकर विवाद गहराया। सरकार ने 37 मौतें मानी, जबकि मीडिया रिपोर्ट में आंकड़ा 82 बताया गया। अखिलेश यादव ने इसे 'महासत्य की शुरुआत' कहा।
प्रयागराज: प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ 2025 की मौनी अमावस्या पर हुई भगदड़ एक बार फिर विवाद का विषय बन गई है। जहां सरकार ने 37 मौतों की आधिकारिक पुष्टि की है, वहीं एक मीडिया रिपोर्ट (BBC) में 82 मौतों का दावा किया गया है। इस रिपोर्ट ने उत्तर प्रदेश की राजनीति को फिर से गरमा दिया है।
डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने दी प्रतिक्रिया
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने वाराणसी में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा:
“आप कोई खबर चलाएं और हम तुरंत उस पर प्रतिक्रिया दें, यह ज़रूरी नहीं। घटना दुखद थी, और हर पीड़ित परिवार की मदद की गई है।”
उन्होंने कहा कि महाकुंभ 66 करोड़ श्रद्धालुओं की भागीदारी के साथ एक भव्य और दिव्य आयोजन रहा। मौनी अमावस्या पर हुई दुर्घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से भी शोक संवेदना व्यक्त करने की बात कही।
अखिलेश यादव का तीखा हमला
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीबीसी की रिपोर्ट को “महासत्य की शुरुआत” करार दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा:
“यह रिपोर्ट अंत नहीं, बल्कि महाकुंभ में हुई मौतों और उनसे जुड़े आर्थिक मामलों के महासत्य की खोज का आरंभ है। जब सत्य सामने आता है, तो झूठ की परतें उतरती जाती हैं।”
अखिलेश ने सरकार पर आंकड़ों को दबाने, सूचना-प्रबंधन के नाम पर सच्चाई छिपाने और प्रशासनिक लापरवाही के आरोप लगाए।
सरकार बनाम विपक्ष: बढ़ती खींचतान
जहां सरकार महाकुंभ के सफल आयोजन की बात कह रही है, वहीं विपक्ष इसे “जनता से धोखा” और “शासन की विफलता” बता रहा है। बीबीसी की रिपोर्ट ने इस पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा विधानसभा चुनाव 2027 के लिए भी अहम बन सकता है।
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